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Sarkari Yojana: सरकार किसानों को स्ट्रॉबेरी की खेती को बढ़ावा देने के लिए 3 लाख रुपये तक की सब्सिडी दे रही है

By Kisan Admin Oct 07, 2025 50
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अब किसान सिर्फ परंपरागत फसलें ही नहीं, बल्कि बागवानी फसलों में भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं, इसका फायदा आने वाले समय में किसानों को मिल सकता है. सरकार भी इसमें किसानों की मदद कर रही है. ऐसे में अगर आप भी बिहार से हैं और स्ट्रॉबेरी की खेती करने का विचार बना रहे हैं तो बिहार सरकार की स्ट्रॉबेरी विकास योजना (2025-26) आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है. 
 

योजना का लाभ इन जिलों को मिलेगा
बिहार के 12 जिलों में स्ट्रॉबेरी की खेती करने के लिए सरकार मदद करेगी. इससे वहां के किसानों को सरकार के द्वारा चलाई गई योजना का लाभ मिल सकेगा. बिहार सरकार ने स्ट्रॉबेरी की खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य के 12 जिलों को चुना है. इनमें बांका, लखीसराय, औरंगाबाद, बेगूसराय, भागलपुर, गया, मुजफ्फरपुर, नालंदा, पटना, पूर्णियां, समस्तीपुर और वैशाली जिले शामिल हैं.

जानिए योजना से मिलने वाले लाभ
स्ट्रॉबेरी विकास योजना के तहत किसानों को न्यूनतम 0.25 एकड़ (0.1 हेक्टेयर) से लेकर अधिकतम 5 एकड़ (2 हेक्टेयर) तक की खेती पर लाभ दिया जाएगा. योजना में स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए आवश्यक पौधों के साथ-साथ पैकेजिंग के लिए कुट के डिब्बे और प्लास्टिक के छोटे डिब्बे भी वितरित किए जाएंगे. इन सामग्रियों की आपूर्ति के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में ई-टेंडर के माध्यम से एजेंसी का चयन किया जाएगा.

इस स्कीम के तहत स्ट्रॉबेरी की खेती करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर ₹3,02,400 की सहायता राशि दी जाएगी. इसमें कुट के डिब्बे की इकाई लागत ₹14.50 है, जिस पर 40% यानी ₹5.80 प्रति पीस की सब्सिडी मिलेगी, वहीं, प्लास्टिक के छोटे डिब्बे की कीमत ₹2.90 है, जिस पर 40% यानी ₹1.16 प्रति पीस की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. 

ये हैं आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

  • भूमि स्वामित्व प्रमाण-पत्र
  • दो वर्ष पूर्व से अद्यतन राजस्व रसीद
  • ऑनलाइन अद्यतन राजस्व रसीद
  • वंशावली के आधार पर विधि मान्य भू-स्वामित्व प्रमाण-पत्र
  • गैर-रैयत हेतु विधिवत एकरारनामा

इच्छुक कृषकों को आवेदन करने से पूर्व DBT में पंजीकृत बैंक खाता संबंधित विवरण की जांच खुद ही करनी होगी. नियमों के हिसाब से राशि का भुगतान DBT कार्यक्रम के अंतर्गत CFMS  द्वारा किया जाएगा. चयन प्रक्रिया सामान्य वर्ग के लिए 78.537 प्रतिशत, अनुसूचित जाति के लिए 20 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति के लिए 1.463 प्रतिशत बताई गई है. साथ ही, प्रत्येक श्रेणी में 30 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास करने की बात कही गई है. किसान इन सब नियमों को पूरा करने के बाद ऑनलाइन आवेदन करके इसका लाभ उठा सकते हैं.

आवेदन करने के लिए यहां क्लिक करें...
 

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